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झारखंड के सरकारी स्कूलों में बदलेगा सिलेबस

रांची
राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में सिलेबस बदलेगा। यह बदलाव 2023 से लागू होगा। यह बदलाव नई शिक्षा नीति के आधार पर होगा। 2022 के मार्च तक स्कूलों के छात्र पुराने पाठ्यक्रम से ही पढ़ाई करेंगे। राज्य का स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग इसकी तैयारी शुरू करने जा रहा है। नई शिक्षा नीति में प्राइमरी, मिडिल, हाई और प्लस टू के लिए तय किए गए प्रावधानों को उसी के अनुरूप लागू करने के लिए शिक्षकों की टीम लगाई जाएगी। अगले साल से नये सिलेबस के अनुसार किताबों की छपाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

कक्षावार तय होगा बदलाव 
शिक्षा विभाग पहले कक्षावार यह तय करेगा कि नये पाठ्यक्रम में नया क्या रहेगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। उसके बाद विषयवार शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इन शिक्षकों को प्रस्ताव के अनुरूप सिलेबस तैयार करना होगा। शिक्षा विभाग पहले स्कूली शिक्षा के अलग-अलग खंडों में भी बदलाव करेगा। वर्तमान में पहली से पांचवी कक्षा तक को प्राथमिक शिक्षा के तहत रखा गया है जबकि छठी से आठवीं मध्य और नौवीं-19वीं उच्च विद्यालय के तहत आते हैं। 11वीं-12वीं को प्लस टू के अंतर्गत रखा गया है।नई शिक्षा नीति में इसमें बदलाव होना है। अब स्कूलों में प्री प्राइमरी की भी पढ़ाई शुरू होनी है। ऐसे में तैयारी यह की जानी है कि अगले एक साल में सिलेबस की नीति और इसका प्रारूप बना लिया जाए। फिर उसी साल किताबों की छपाई प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। अक्तूबर 2022 से नये सिलेबस के तहत किताबों की छपाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए टेंडर निकाला जाएगा और प्रकाशक का चयन होगा। प्रकाशक ही किताबों की छपाई कर प्रखंडों तक पहुंचाएंगे। प्रखंड से स्कूलों तक किताबें पहुंचाई जाएंगी, जिसे छात्र छात्राओं के बीच बांटा जाएगा। वर्तमान में 2022 के शैक्षणिक सत्र के लिए चल रहे सिलेबस के आधार पर किताब की छपाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मार्च तक प्रखंडों में किताब पहुंचा दी जाएंगी।

शिक्षा के ढांचे में होगा बदलाव 
नई शिक्षा नीति के लागू होने के साथ स्कूली शिक्षा के ढांचे में बदलाव होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूली शिक्षा से जोड़ा जाएगा । तीन साल आंगनबाड़ी में प्रीस्कूल इन शिक्षा होगी और अगले दो साल पहली और दूसरी की क्लास स्कूलों में होगी। पांच सालों की पढ़ाई एक्टिविटी के आधार पर होगी। इसमें 8 साल तक के बच्चों को एक्टिविटी के आधार पर पढ़ाया जाएगा । इसे फाउंडेशन स्टेज के रूप में जाना जाएगा। वहीं, तीसरी से पांचवी, छठी से आठवीं और नौवीं से 12वीं के अलग-अलग स्कूल होंगे। वर्तमान में प्राइमरी, हाई, प्लस टू स्कूल ही हैं। तीसरी से पांचवी और छठी से आठवीं में विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। नौवीं से 12वीं माध्यमिक शिक्षा की पढ़ाई होगी। इसमें छात्र छात्राओं को विषयों को चुनने की छूट होगी। वहीं, छठी क्लास से ही स्किल डेवलपमेंट के कोर्स भी शुरू होंगे।
 

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