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ट्रिब्यूनल नियुक्ति मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को दी 2 हफ्ते की मोहलत 

नई दिल्ली
देश में ट्रिब्यूनल नियुक्ति पर एक बार सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। इतना ही नहीं दो हफ्तों में सभी नियुक्तियों से जुडी जानकारी पेश करने के लिए कहा है। वहीं ऐसा नहीं करनी करने पर अवमानना का केस चलाने की भी चेतावनी जारी की है। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्‍यायाधीश ने कहा कि नियुक्ति पत्रों के साथ वापस आइए। साथ ही कहा कि अगर किसी को नियुक्ति नहीं मिली तो उसकी वजह भी बताइए। 

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को विभिन्न न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल) में नियुक्तियां करने के लिए दो और सप्ताह का समय दिया। इससे पहले इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट के कई आदेशों के बावजूद देश भर के ट्रिब्यूनल में रिक्त पदों को भरने में विफल रहने पर केंद्र को भारी फटकार लगाई थी। अदालत ने तब केंद्र को 7 दिनों का अंतिम समय दिया था कि या तो नियुक्तियां करें या आदेश पारित करने के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट के हाथ में छोड़ दें। 

बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र पर चयन समिति द्वारा वास्तव में अनुशंसित लोगों के बजाय प्रतीक्षा सूची से लोगों को विभिन्न न्यायाधिकरणों में नियुक्त करने का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल करते हुए कहा कि जब कमेटी की तरफ से नामों को सुझाया गया है, तो इन पदों पर अब तक नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई।

 ट्रिब्यूनल सुधार एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को फटकार, कहा- 'हमारे सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है…' मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि अगर पहले ही चुने हुए लोगों की सूची तैयार कर ली गई तो प्रतीक्षा सूची (वेट लिस्ट) से कैंडिडेट क्यों चुना गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल रिफॉर्म एक्ट की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सरकार को नोटिस भी जारी किया है।
 

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