छत्तीसगढ़

बारिश ने किया सबकुछ प्रभावित, कई जिलों का टूटा संपर्क

रायपुर
छत्तीसगढ़ में पिछले चार दिनों हो रही लगातार बारिश ने सबकुछ प्रभावित कर दिया है, नदी-नाले उफान में होने के कारण कई जिलों का संपर्क टूट गया हैं वही लरकेनी क्षेत्र में एक व्यक्ति बह गया हैं तथा चिखली नदी में फंसे 2 ग्रामीणों को 6 घंटे बाद रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया। राजिम के व्यवहार न्यायालय में पानी घूसने के कारण जहां सुनवाई प्रभावित हो गई वहीं 100 से अधिक गांवों में बिजली बंद हैं। शबरी नदी जहां पुल से निचले हिस्से को छूने लगा है वहीं महानदी उफान पर है। सड़कों में बसों और गाडि?ों की लंबी-लंबी कतार लगी हुई हैं।

पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मंगलवार शाम तक महानदी का जलस्तर करीब 5 फीट तक बढ़ा था, वहीं बुधवार सुबह 5 बजे तक 12 घंटे में ही 5 फीट इजाफा हो गया। नदी का पानी जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार जिले को जोड?े वाले शबरी पुल से निचले हिस्से को छूने लगा है। शिवरीनारायण में शिवनाथ, जोक और महानदी तीन नदियों का संगम है। वहीं जांजगीर-चांपा में भी शबरी पुल तक महानदी का पानी पहुंच गया है। पेंड्रा से मनेन्द्रगढ़ और कोरबा को जाने वाले मार्ग पर पेड़ व बिजली के तार गिरने की वजह से आवागमन प्रभावित हो गया हैं वहीं बिजली भी बंद हो गई हैं।  गरियाबंद जिले में हालत बदर से बदतर होते जा रही हैं, यहां कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई हैं और लगातार दूसरे दिन भी राजधानी रायपुर से गरियाबंद का संपर्क टूटा हुआ है। वहीं दूसरी ओर चिखली नदी में फंसे 2 ग्रामीणों को 6 घंटे के अंदर ही एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बचा लिया है। राजिम के व्यवहार न्यायालय में पानी घूस जाने के कारण सुनवाई प्रभावित हो गई हैं। बम्हनी नदी उफान पर होने की वजह से मुख्यमार्ग पूरी तरह से डूब गया हैं इस वजह से दो दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। लरकेनी क्षेत्र में एक व्यक्ति के बह जाने की खबर है जिसकी तलाश में जिला प्रशासन की टीम जुटी हुई है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भारी बारिश के चलते पेंड्रा से बिलासपुर, मरवाही, कोटमी, कोरबा, बस्तीबगरा से संपर्क टूट गया है। वहीं दूसरी ओर तीन कच्चे मकान गिए गए, वहीं कई घरों को आंशिक रूप से नुकसान होने की खबर हैं। पेंड्रा से बचरवार जाने वाले मार्ग का हिस्सा भी बह गया है। पेंड्रा नदी अपने रौद्र रूप में है। गौरेला और मध्यप्रदेश को जोड?े वाली शार्टकट सड़क पूरी बह गइ है। गौरेला विकासखंड से भी कोरजा सहित दर्जनभर गांवों का संपर्क टूट चुका है। सोन नदी पर सचराटोला और चिचगोहना गांवों में बनाया गया मरवाही मार्ग पुल डूब चुका है, इससे यातायात पूरीत से प्रभावित हो गया है। जिले में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है क्योंकि बारिश नहीं होने के कारण वे सूखे की मार झेल रहे थे और इस कारण उन्होंने धान और मक्के की फसल बोए हुए थे बारिश ने बर्बाद कर दिया। जावस और अरपा नदी के उफान के चलते पेंड्रा से बिलासपुर, केंदा से बेलगहना, केंदा से लाफा जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद है। पुल से 6 फुट ऊपर पानी बह रहा है। केंदा के पास एक छोटी पुलिया बह गई है। बिलासपुर रोड पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर तेज बारिश के साथ तेज हवा चलने के कारण बिजली के तार गिर गए हैं इस कारण 100 से अधिक गांवों में अभी भी अंधेरा छाया हुआ है।

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