धर्म

वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाती है पीपल पूर्णिमा, आइये जाने इसके बारे में

पीपल का पेड़ धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। कहा जाता है कि पीपल के पेड़  में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और शिव तीनों का वास होता है। लेकिन हम यहां धार्मिक पीपल के धार्मिक महत्व की बात नहीं बल्कि हेल्थ से जुड़ी बात करने वाले हैं। पीपल में औषधीय गुणों का खजाना छिपा होता है। पीपल के पत्तों से लेकर, फल, छाल और जड़ सब में औषधीय गुण भरे होते हैं।

वात, पित्त और कफ इन तीनों दोषों से कई तरह की बीमारियां होती है। जिसे पीपल की मदद से दूर किया जा सकता है। पीपल नीम की तरह खून साफ करने का काम भी करता है। इसकी पत्तियों की मदद से पेट भी साफ किया जा सकता है।

कब्ज और पाचन को ठीक करता है पीपल
अगर कब्ज, पाचन से जुड़ी कोई समस्या होती है तो पीपल के  पत्ते का जूस बनाकर पीने से ये ठीक हो जाता है। रात में सोने से पहले पीपल के पत्ते का रस निकालकर पानी में मिलाकर पीए। इससे सुबह आपका पेट साफ हो जाएगा।

सर्दी-खांसी में मिलती है राहत
पीपल के पत्ते को पानी में उबालकर पीने से सर्दी-खांसी से राहत मिलती है।  इतना ही नहीं हार्ट से जुड़ी बीमारियों को भी पीपल का पत्ता ठीक करता है। पीपल की 10-15 पत्तियों को 1 गिलास पानी में अच्छी तरह उबाले फिर छानकर इसके पानी को दिन में 2 से 3 बार पीए। इससे काफी फायदा मिलता है।

खून साफ करने में करने में करता है हेल्प
शरीर पर दाद या खुजली हो रहा है तो पीपल के पत्ते का रस पीने से ये ठीक हो जाता है। पीपल के पत्तों का रस खून साफ (Blood cleanse) करने में मदद करता है। शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ और गंदगी को बाहर निकाल देता है। जिसकी वजह से खुजली की समस्या दूर हो जाती है।

नकारात्मक उर्जा सकारात्मक में तब्दील हो जाता है
पीपल सबसे ज्यादा ऑक्सीजन छोड़ता है। इसके नीचे बैठने से शरीर को भरपूर ऑक्सीजन मिलता है। कहा जाता है कि पीपल के पेड़ के नीचे लेटने से नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक उर्जा में बदल जाती है। मानसिक शांति मिलता है।

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