अयोध्या. पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम पश्चात भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे हिंसात्मक घटनाओं को लेकर अयोध्या (Ayodhya) के संत समाज में नाराजगी है. घटनाओं के विरोध में तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास (Mahant Paramhans Das) ने मंगलवार को आत्मदाह की चेतावनी देने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. महंत ने प्रशासन को 4 महीने की मोहलत देते हुए कार्रवाई की मांग की. वहीं भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा. उन्होंने कहा कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन सरयू नदी में जल समाधि लेंगे.

परमहंस दास ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठिए रोहिंग्या मुसलमानों को बाहर किया जाए. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि पश्चिम बंगाल के हालात बहुत खराब है उसे पाकिस्तान ना बनने दिया जाए. दास ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने चुनाव के बाद ही कह दिया था कि खेला होबे. जब से चुनाव जीती है तब से लगातार वहां पर आपराधिक घटनाएं हो रही हैं. लोगों को मारा जा रहा है, आग लगाई जा रही है. उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल के हालात इतने खराब है कि केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमला हुआ.
तपस्वी छावनी के महंत ने आरोप लगाया कि जब पुलिस की मौजूदगी में मंत्रियों के ऊपर हमला हो रहा है. इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि पश्चिम बंगाल में स्थितियां कितनी खराब है. छावनी पर प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचे एसपी सिटी विजय पाल सिंह ने बताया कि पूर्व घोषित आत्मदाह के कार्यक्रम को प्रशासन के निवेदन पर परमहंस दास ने स्थगित किया है. सिंह के मुताबिक महंत ने एक राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा है, ज्ञापन पश्चिम बंगाल में हो रहे हिंसा के विरोध में है.