नई दिल्ली । विधानसभा चुनाव में हार के कारणों पर विचार करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने  कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाई है। बैठक में हार के कारणों पर मंथन के साथ कोरोना महामारी से निपटने में केंद्र सरकार की विफलता पर भी चर्चा होगी। बैठक के बाद सीडब्ल्यूसी बयान जारी कर सकती है। चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा उम्मीद केरल और असम से थी। इन दोनों प्रदेशों में पार्टी सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी। पर दोनों प्रदेशों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। पुडुचेरी में भी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जबकि दो माह पहले तक पार्टी सत्ता में थी। तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को जीत मिली, पर जीत का श्रेय डीएमके नेता स्टालिन को गया। वहीं पश्चिम बंगाल में लेफ्ट के साथ गठबंधन के बावजूद पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई। ऐसे में पार्टी के अंदर असंतुष्ट नेता एक बार फिर मुखर हो सकते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि असंतुष्ट नेताओं के साथ कई अन्य नेता भी पिछले कई चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन से खुश नहीं है। ऐसे में सीडब्ल्यूसी की बैठक में असंतुष्ट नेताओं के साथ कई दूसरे नेता भी पार्टी से आत्मचिंतन कर नए सिरे से रणनीति की मांग कर सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद स्वीकार कर चुकी है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। पार्टी सांसदों के साथ वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के साथ बैठक में उन्होंने कहा था कि इन चुनावों में हार से सबक लेने की जरूरत है। इसके बाद सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई गई है।