मध्य प्रदेश

विभाग प्रमुखों ने जिला अधिकारियों से बुलाई रिपोर्ट

भोपाल
हाईकोर्ट में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और जिला अधिकारियों के विरुद्ध चल रहे अवमानना के प्रकरणों ने सरकार की परेशानी बढ़ा दी है। इसे देखते हुए अब सरकार ने विभागों से अवमानना के प्रकरणों की जानकारी विभागों से मांगी है और विभाग प्रमुखों ने इसको लेकर जिला अधिकारियों से सभी तरह के अवमानना के केस की रिपोर्ट जल्द बुलाई है।

जल संसाधन विभाग के परियोजना संचालकों, मुख्य अभियंताओं को लिखे पत्र में कहा गया है कि न्यायालय में लंबित अवमानना के प्रकरणों की समीक्षा की जानी है। इसलिए सभी अधिकारी 15 दिन के भीतर जानकारी उपलब्ध कराएं। इसमें अवमानना के कुल लंबित प्रकरण, स्थापना संबंधित मामले, कोर्ट में जवाब पेश करने के मामले तथा अन्य तरह की स्थितियों की पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। विभाग ने कहा है कि अवमानना के केस के मामले में जवाब समय पर पेश करने के साथ शासन को इसकी सूचना देने का काम भी गंभीरता से किया जाना है। इसके अलावा कई अन्य विभागों ने भी इस संबंध में जानकारी तलब की है।

इसी तरह का एक अन्य आदेश नगरीय प्रशासन व विकास विभाग द्वारा सभी संयुक्त संचालकों को दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत और कार्यालयीन प्रगति के प्रकरण खंडपीठ और उच्च न्यायालय में दायर किए जाते हैं। इसमें समय पर जानकारी नहीं दिए जाने से कई बार अवमानना की स्थिति निर्मित होती है। इससे संभागस्तरीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह भी लगता है। इसलिए विचाराधीन याचिकाओं की साप्ताहिक व मासिक समीक्षा कराएं और समय पर जवाब प्रस्तुत करने के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त करें। इसकी जानकारी संचालनालय को भी भेजें। इस तरह के मामलों में विपरीत स्थिति निर्मित होने पर जवाबदेही संबंधित प्रभारी अधिकारी की मानी जाएगी। विभाग ने अवमानना और अन्य प्रकरणों की जानकारी भी संचालनालय को भेजने के लिए निर्देशित किया है।

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