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स्कूलों में 20 पर्सेंट तक गिरी अटेंडेंस, जहरीली हवा के शिकंजे में बच्चे

 
नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। सिर में दर्द, आंखों में जलन, उलटी, सांस लेने में दिक्कत और खांसी की शिकायत स्टूडेंट्स में ज्यादा देखने को मिल रही है। यही वजह है कि इन दिनों काफी बच्चे खराब हेल्थ की वजह से स्कूल से छुट्टी कर रहे हैं। स्कूलों का कहना है कि खासकर छोटी क्लास के बच्चे और जिन्हें अस्थमा की दिक्कत है, वे परेशान हैं। वहीं, परिजनों का कहना है कि सुबह के वक्त मौसम काफी ज्यादा खराब होता है। ऐसे में प्रदूषण के बीच बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। इसी वजह से वे बीमार हो रहे हैं और मजबूरन उन्हें स्कूल नहीं भेज रहे हैं। पैरंट्स और स्कूलों का भी मानना है कि स्कूल की टाइमिंग लेट करने से कुछ राहत मिल सकती है।
 दिवाली के बाद से ही हवा बहुत खराब हो गई है। बुधवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 409 था। गुरुवार को यह 410 दर्ज किया गया। मयूर विहार फेज-1 के एएसएन सीनियर सेकंडरी स्कूल की को-ऑर्डिनेटर सुषमा कालिया के अनुसार दो दिन से स्कूल में बच्चों की संख्या कम हुई है। जो अटेंडेंस 85 से 90 पर्सेंट तक रहती है, वह 70 पर्सेंट हो गई है। गुरुवार की भी धुंध का असर साफ दिख रहा था। बच्चे बार-बार क्लास से बाहर आ रहे थे। वे बेचैन थे। उन्हें स्कूल नर्स के पास ले जाया गया।

उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों की आंखों से पानी आ रहा था, जलन की वजह से आंखें लाल हो गईं थीं। कुछ बच्चों की बढ़ती खांसी को देखते हुए उनके पैरंट्स को फोन कर बुलाना पड़ा। पता चला कि कुछ को अस्थमा है। इन बच्चों को घर में ही रखने की सलाह दी गई है। स्कूल में आउटडोर एक्टिविटी भी बंद कर दी गई है।

टाइमिंग बदल दी जाए तो काफी राहत
उधर, द्वारका के वेंकटेश्वर इंटरनैशनल स्कूल के चेयरमैन रामपाल ने बताया कि अस्थमा वाले बच्चे और जूनियर विंग के बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। हालात यही रहे तो अटेंडेंस अगले कुछ दिनों में तेजी से गिरेगी। उनके अनुसार स्कूल बंद करने से ज्यादा फायदा नहीं होगा, क्योंकि घर पर भी वही हालात रहेंगे। हालांकि, स्कूल टाइमिंग 9 से 2 बजे तक कर दी जाए, तो बच्चों को काफी राहत होगी।
 
दिल्ली सरकार से मिले मास्क बांटे
विद्या बाल भवन सीनियर सेकंडरी स्कूल की टीचर बरखा शर्मा कहती हैं कि स्कूल की अटेंडेंस में 20 पर्सेंट तक कमी आई है। बच्चों की छुट्टी के लिए मिल रहे एप्लिकेशन में पैरंट्स यही लिख रहे हैं कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उन्हें कफ और खांसी की दिक्कत है। गुरुवार को स्कूल में दिल्ली सरकार से मिले मास्क एक हजार बच्चों को बांटे हैं।
 
'डर है कि दिल्ली छोड़नी पड़ेगी'
आरके पुरम में एक प्ले स्कूल में पढ़ रहे 3 साल के आरव के लिए यह हवा खतरनाक साबित हुई है। डॉक्टर ने उसे घर पर ही रखने की सलाह पैरंट्स को दी है। आरव की मां सौम्या देसाई बताती हैं कि खांस-खांस कर बेटे की हालत खराब हो गई है। नेबुलाइजर की मदद लेनी पड़ रही है। अगर दिल्ली में प्रदूषण ऐसा ही रहा, तो डर है कि उन जैसे कई लोगों को दिल्ली छोड़ना पड़ेगा। वहीं, मॉडर्न पब्लिक स्कूल की 7वीं क्लास की स्टूडेंट आन्या त्यागी भी सिर दर्द और आंखों में जलन से परेशान हैं। वह कहती हैं, उनका बाहर खेलना बंद हो गया है। बाहर निकलने के लिए उन्हें मास्क लगाना पड़ रहा है। 
स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी बंद
शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी बंद कर दी गई है। कई स्कूलों में गुरुवार को दिल्ली सरकार की ओर से मास्क मिल चुके हैं और शुक्रवार को सरकारी स्कूलों के साथ बाकी स्कूलों में बांटे जाएंगे।
 

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