छत्तीसगढ़

वकील को थाने में बिठाये जाने पर थाने का घेराव

दुर्ग
कोर्ट में पेश करने में पुलिस द्वारा देरी किए जाने पर वकीलों ने थाने का घेराव किया और रोड को जाम कर दिया जिससे आवागमन में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस कोर्ट उठने से पहले आरोपियों को लेकर कोर्ट पहुंची, तब जाकर मामला शांत हुआ। प्रकरण में आरोपी बनाए गए वकील  टीएल चौधरी व उसके दोनों बेटों को न्यायाधीश मयूरा गुप्ता की कोर्ट ने 25 हजार रुपए की जमानत पर रिहा किया।

पूरी घटना दुर्ग की है जिसमें पुराने विवाद के चलते खुसीर्पार में वकील  टीएल चौधरी व उसके दोनों बेटों के साथ पड़ोसी का झगड़ा हो गया। शिकायत पर पुलिस ने वकील व उसके बेटों के खिलाफ धारा 323, 294, 506 बी, 354 के तहत मामला पंजीबद्ध कर उनको गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पर देरी से कोर्ट में पेश करने का आरोप लगाते वकीलों ने शाम 4 बजे मुख्य मार्ग को अवरूद्ध कर दिया। दोनों ओर से आने जाने वाली वाहनों की कतार लग गई थी। स्थल पर कोतवाली थाना प्रभारी सुरेश ध्रुव तथा मोहन नगर थाना प्रभारी नरेश पटेल पहुंच गए थे। जब खुसीर्पार थाना पुलिस आरोपी वकील को कोर्ट में लेकर आई, तब जाकर अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत हुआ।

इस संबंध में जिला अधिवक्ता संघ के सचिव रविशंकर सिंह ने बताया कि पुलिस ने जबरन 354 की धारा जोड़ दी है, जबकि सिर्फ  मारपीट की घटना हुई है। वहीं राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस इन्हें कोर्ट में लाने में देरी कर रही थी। सुबह से अधिवक्ता व उनके बेटों को बैठाकर रखा गया था।

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