छत्तीसगढ़

धान का अवैध परिवहन रोकने सीमाओं पर नाकेबंदी

रायपुर
 छत्तीसगढ़ सरकार इस बार 85 लाख टन धान ही खरीदेगी, इसलिए दूसरे राज्यों से तस्करी कर यहां लाए जा रहे धान पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। एक दिसंबर से धान खरीदी शुरू हो रही है। 15 क्विंटल प्रति एकड़ की लिमिट के हिसाब से यहां के किसान ही अपना पूरा धान नहीं बेच पाएंगे, इसलिए प्रशासन मध्यप्रदेश, ओड़िशा, महाराष्ट्र और झारखंड से अाने वाले धान को रोकने के लिए राजनांदगांव, कवर्धा, रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, कांकेर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, जशपुर और सरगुजा को मिलाकर 11 जिलों में तकरीबन 100 अफसरों की टीमों के साथ सड़क पर अा गया है। शनिवार से रविवार तक इन जिलों में अलग-अलग जगह 100 से ज्यादा ट्रक और छोटे मालवाहनों से 21 हजार क्विंटल धान जब्त कर लिया गया है। इसका मूल्य सवा 5 करोड़ रुपए अांका गया है।

छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, आेडिशा, झारखंड आैर महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा धान का अवैध परिवहन होता है। केन्द्र सरकार ने इस बार सेंट्रल पूल में छत्तीसगढ़ का चावल लेने से मना कर दिया है। ऐसे में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में ही पैदा होने वाले धान की खरीदी करना चाह रही है। लेकिन सरकार द्वारा दिए जा रहे 25 सौ रुपए क्विंटल की आड़ में हर साल की तरह इस बार भी दूसरे राज्यों के बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। लेकिन छापेमारी के लिए बनाई गई टीम द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। यही वजह है कि कवर्धा, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर, जशपुर, बालोद, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, सरगुजा, नारायणपुर, गरियाबंद जैसे जिलों में सबसे ज्यादा अवैध धान के परिवहन की कार्रवाई हुई है।

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