बिलासपुर- चार साल पहले ब्याह कर कोरबा गई रतनपुर की एक बेटी से उसके पति समेत ससुराल पक्ष वालो द्वारा दहेज के लिए अमानवीय व्यवहार करने का मामला सामने आया है। रतनपुर की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रह चुकी पीड़िता पहले तो लोक लाज के डर से चुप्पी साधे रही लेकिन जब ससुराल वालों की यातनाए कम न हुई तो उसके कोरबा पुलिस से मदद मांगी फिर भी उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा थक हार कर पीड़िता को न्याय की गुहार लेकर नगर विधायक का दरवाजा खटखटाना पड़ा और विधायक उसे सीधे एसपी के पास लेकर पहुंच गए।
नगर विधायक शैलेश पाण्डेय के वेयर हाउस रोड़ स्थित सरकारी बंगले में रतनपुर की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आशा सूर्यवंशी ससुराल वालों के जुल्मों सितम से छुटकारा दिलाने न्याय की गुहार लेकर पहुंची। महिला ने विधायक को अपनी आप बीती सुनाई और आरोप लगाया कि दहेज के नाम पर किस तरह पति नारायण करवारे निवासी ग्राम पकरिया पोस्ट बरपाली उरगा कोरबा के साथ मिलकर उसके ससुर पुरुषोत्तम करवारे,सास गीता देवी और देवर सुखदेव करवारे द्वारा मारपीट कर यातनाए दी जाती है। मारपीट के साथ ससुराल वालों ने उसके पिता और भाई के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। इन सब के बीच वह लोक लाज के डर से सब कुछ सहती रही। मगर जब ससुराल वालों की मारपीट नही सह पाई तो उरगा पुलिस से मदद मांगी लेकिन वहां भी पुलिस ने मेरी कोई मदद न कर उल्टा सुलह कर लो बोलकर वापस लौटा दिया।
इधर विधायक पाण्डेय पीड़िता को लेकर एसपी प्रशान्त अग्रवाल के पास पहुच गए। उन्होंने एसपी से इस मामले को लेकर चर्चा की जिसके तत्काल बाद एसपी ने महिला थाना में आशा सूर्यवंशी के ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। वही विधायक श्री पाण्डेय ने कहा कि
मसला काफी गंभीर है चूंकि पीड़िता मेरे पास आई थी जनप्रतिनिधि होने के नाते मैंने अपना कर्तव्य निभाया है।