मुख्यमंत्री ने कहा- अप्रैल गंभीर संकट का महीना है, कोरोना से मुकाबला समाज को एकजुट होकर करना पड़ेगा


मंच पर ही फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।
24 घंटे के लिए गांधी प्रतिमा के सामने बैठें मुख्यमंत्री; कूलर हटाकर लगाए गए पंखे
व्यापारी संघों, स्वय सेवी संगठनों, कोरोना वालेंटियर्स और नर्सिंग स्टाफ से चर्चा करेंगे
कैबिनेट बैठक होगी, जिलों के प्रमुख व्यक्तियों से बात करेंगे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को दोपहर 12 बजे मिंटो हॉल में गांधी प्रतिमा के पास 24 घंटे के लिए स्वास्थ्य आग्रह पर बैठ गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अप्रैल का महीना गंभीर संकट का महीना है। कोरोना से लड़ने की जिम्मेदारी समाज की भी है। मेरा अभियान राजनैतिक नहीं है। इसमें हर वर्ग से सहयोग की अपील की जा रही है। उन्होनें कहा कि कोरोना को हराने के लिए एकजुट होने की जरुरत है। मास्क और फिजिकल डिस्टेंस इस लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य आग्रह शुरु करने से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश में 'मास्क नहीं तो बात नहीं, मास्क नहीं तो सामाना नहीं' यह दोनों अभियान चलाया जा रहा है। आज का दिन ऐतिहासिक है,आज के दिन महात्मा गांधी ने नमक कानून तोड़ा था। आज भाजपा का स्थापना दिवस है। कोरोना संक्रमण रोकने का व्यवहार चाहिए। टीकाकरण ट्रीटमेंट यह सब सरकार करेगी। संक्रमण बढ़ने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में बिस्तर आदि की व्यवस्थाएं सरकार कर रही है लेकिन लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। संक्रमण को रोकने का एक उपाय है लॉकडाउन, लेकिन यह लोगों का रोजगार छीन लेगा। इसलिए मैं इस तरीके को सही नहीं मानता। सीमित लॉक लॉक डाउन ठीक है। मुझे लगा कि नैतिक आग्रह करने के लिये यह जरूरी है। अगर कोई मास्क नहीं लगाता तो वह अपराध करता है M (मेरा) A (आपका) S (सुरक्षा) K (कवच) यही मास्क का मतलब है। इसलिए मास्क नहीं तो बात नहीं और मास्क नहीं तो सामान नहीं यह अभियान मैं चला रहा हूंएक कार्यक्रम और मैंने शुरू किया है मैं कोरोना का स्वयंसेवक ,मैं कोरोना वॉलिंटियर।।कोरोना ऐसी बीमारी है कि केवल सरकारी प्रयासों से इस पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करने क बाद सरकारी कामकाज शुरु कर दिया है। उनके प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी और उप सचिव ओपी श्रीवास्तव फाइलें लेकर मंच पर पहुंच गए और मुख्यमंत्री ने दोनों अफसरों से चर्चा कर फाइलों पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री कोरोना के संबंध में चिकित्सा विशेषज्ञों, धर्मगुरुओं, जन प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों आदि के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा करेंगे। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए कैबिनेट की बैठक करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से व्यापारी संघों, स्वय सेवी संगठनों, कोरोना वालेंटियर्स और नर्सिंग स्टाफ के अलावा ट्रांसपोर्ट एसोशिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे।

बता दें कि यहां एक बड़े डोम में उनके उनके लिए मंच बनाया गया है। उसके सामने नीचे गद्दे बिछाए गए हैं। सामने एक बड़ा स्क्रीन लगा है जिस पर मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से धर्मगुरुओं, डॉक्टरों से बातचीत करेंगे। मंच के पीछे बैठक रूम बना है। गर्मी को देखते हुए यहां पर कूलर लाए गए थे लेकिन उन्हें हटाकर पंखे लगा दिए गए है। गेट पर ही सैनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। सुबह कलेक्टर अविनाश लवानिया, डीआईजी इरशाद वली समेत अन्य अफसरों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री एक बार में 13-13 जिलों के प्रमुख व्यक्तियों से बात करेंगे। इसके लिए 4 स्लॉट बनाए गए हैं। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे तक चलेगा। जबकि अगले दिन यानी 7 अप्रैल को मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे प्रदेश के धर्मगुरुओं से संवाद करेंगे। भोपाल के धर्मगुरुओं को कार्यक्रम स्थल पर आमंत्रित किया गया है।

सीएम शिवराज ने कहा कि कोरोना को खत्म करने के इस अभियान में हर व्यक्ति के जनसहयोग के लिए आज से प्रदेश में 'मैं कोरोना स्वयं-सेवक हूं' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति 181 नंबर पर संपर्क कर कोरोना वॉलिंटियर के रूप में अपना पंजीयन करवा सकता है। कोरोना स्वयं-सेवक आमजन को मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने, वैक्सीनेशन करवाने (45 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को) आदि के लिए प्रेरित करेंगे और इस कार्य में उनकी मदद भी करेंगे।