फूलगोभी सभी को पसंद होती है, लेकिन ये आपके पेट के लिए बहुत नुकसानदायक है।फूलगोभी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली सब्जियों में से एक है। लोग भी इसे बड़े चाव से खाते हैं। इससे बने पराठे, आलू -गोभी की सब्जी यहां तक कि पकौड़े भी बड़े स्वादिष्ट लगते हैं। और भी बहुत सारी व्यंजन  गोभी का इस्तेमाल करके बनाई जाती हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि इसे पकाना बेहद आसान है। लेकिन आप नहीं जानते कि बाहर से साफ सुथरी और सुंदर दिखने वाली फूलगोभी आपके लिए किसी जहर से कम नहीं है। इसे खाने से कई नुकसान हो सकते हैं।फूलगोभी कई पोषक तत्वों का ऊर्जा केंद्र   है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइटोन्यूट्रिएंट्स , फोलेट, विटामिन के और फाइबर जैसे अन्य पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। इस सब्जी में सल्फरयुक्त रसायन भी होते हैं, जिन्हें ग्लूकोसिनोलेट्स कहा जाता है। जब ये केमिकल पेट में ब्रेक होते हैं, तो यह हाइड्रोजन सल्फाइड कंपाउंड बनाते हैं और यही बदबूदार फार्ट की वजह बनता है, जिससे कई बार लोगों के सामने शर्मिंदगी उठानी पड़ती है।

फूलगोभी और पाचन स्वास्थ्य
फूलगोभी मस्टर्ड फैमिली का ही एक सदस्य है। यह सब्जी कई पोषक तत्वों से भरपूर है। इस वजह से ये स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन इस सब्जी का ज्यादा सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इस सब्जी को पचाना बेहद मुश्किल होता है, खासतौर से तब जब इसे कच्चा खाया जाए। इससे सूजन या गैस से संबंधित समस्या बढ़ने लगती है। 

क्यों हमारे लिए हानिकारक है फूलगोभी
ज्यादातर लोगों को फूलगोभी पसंद होती है। तो इसमें ऐसा क्या है, जो हमारे लिए हानिकारक है। दरअसल, इस सब्जी में रेफिनोज होता है, जो एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है। ये कार्ब कुछ सब्जियों में तो प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है, लेकिन हमारा शरीर इसे तोड़ नहीं पाता। इसका मतलब यह है कि जब आप कार्बोहाइड्रेट से भरपूर इस सब्जी का सेवन करते हैं, तो यह छोटी आंत से बड़ी आंत में पहुंच जाता है। आखिर में जब उनकी बड़ी आंत में एंट्री होती है, तो वहां पहले से मौजूद बैक्टीरिया इसे फर्मेंट करना शुरू कर देते हैं। जिसके बाद पेट में गैस बनने लगती है या फिर पेट फूला सा महसूस होता है।

फूलगोभी खाने के नुकसान
थायरॉइड की समस्या से गुजर रहे लोगों के लिए गोभी बहुत नुकसानदायक है। इससे टी-3 और टी-4 हार्मोन के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।फूलगोभी में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है। जो लोग इसका सेवन ज्यादा करते हैं, उनका खून धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है। जो लोग पहले से ही खून गाढ़ा करने की दवा खा रहे हैं तो बेहतर है कि वे डॉक्टर की सलाह के बाद ही फूलगोभी का सेवन करें। स्तनपान करानी वाली महिलाओं को यह सब्जी खाने से बचना चाहिए। इसे खाने से बच्चे के पेट में दर्द उठ सकता है।

फूलगोभी खाने का सही तरीका
फूलगोभी तो लोग सालों से खाते आ रहे हैं, लेकिन अब भी लोग इसे खाने का सही तरीका नहीं जानते। गलत तरीके से खाने के बाद ही पेट में गैस और पाचन संबंधी समस्याएं शुरू होने लगती हैं। अगर आप अक्सर ताजा गोभी का सेवन करते हैं, तो इसमें अन्य गोभी की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा प्रोटीन और कई अलग -अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। खासतौर से कच्ची गोभी में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा जरूरत से ज्यादा होती है। फूलगोभी को कई तरीकों से खाया जा सकता है। लेकिन अगर आप पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो हमेशा पकी हुई फूलगोभी खाने की कोशिश करें। कई लोग गोभी में कीड़े निकलने की वजह से इसे उबालकर खाते हैं। लेकिन ऐसा कभी नहीं करना चाहिए। गोभी को उबालने से इसके भीतर मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लगभग खत्म हो जाते हैं। इसलिए इस सब्जी को सीमित मात्रा में ही खाने की सलाह दी जाती है।
जैन धर्मनुसार --जिस पदार्थ के खाने से अन्नत स्थावर जीवों का घात होता हैं उसे स्थावर हिंसकारक अभक्ष्य  कहते हैं। इसीलिए इसे खाद्य में नहीं लेते हैं।